जासूसी रामा – moral story in Hindi
एक बार की बात है, तेनाली रामा, जंगल के रास्ते पर चल रहे थे कि उन्हें वहां एक व्यापारी ने रोका।
व्यापारी से रामा से पूछा, “मैं अपने ऊंट की तलाश कर रहा हूं जो भटक गया है। क्या तुमने इसे गुजरते हुए देखा?”
“क्या आपके ऊंट के पैर में चोट लगी थी?” रामा ने पूछा। यह सुनते ही व्यापारी ने बोला, “ओह हां! इसका मतलब है कि तुमने मेरे ऊँट को देखा है!”
“सिर्फ उसके पैरों के निशान। देखिए, आप तीन पैरों वाले जानवर के पैरों के निशान देख सकते हैं” रामा ने जमीन पर पैरों के निशान की ओर इशारा करते हुए कहा।
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“यह दूसरे पैर को खींच रहा था क्योंकि उसके पैर में चोट लगी थी।” रामा ने व्यापारी फिर से पूछा, “क्या वह एक आँख से अंधा था?”
व्यापारी ने बड़ी उत्सुकता से कहा, “हाँ, हाँ,”। रामा ने फिर से पूछा, “क्या उसमें एक तरफ गेहूँ और दूसरी तरफ चीनी लदी थी?”
“हाँ, तुम सही कह रहे हो,” व्यापारी ने तुरंत कहा। “तो तुमने मेरे ऊंट को देखा है!” व्यापारी चिल्ला कर बोला।
रामा ने विनर्म शब्दों से पूछा, “क्या मैंने कहा कि मैंने तुम्हारे ऊंट देखा था?”
यह सुनकर व्यापारी ने कहा, “फिर आपने मेरे ऊंट का सटीक विवरण कैसे दिया?”
रामा ने कहा, ” नहीं, नहीं मैंने आपके ऊंट को नहीं देखा| क्या आपको इन पौधों की पंक्ति इस रास्ते में दिख रही है?
आप स्पष्ट रूप से देख सकते हैं, किसी जानवर ने बाईं ओर के पौधों की पत्तियों को खा लिया है, लेकिन दूसरी तरफ पौधे अछूते हैं। तो इसका मतलब हुआ की जानवर केवल एक आंख से देख सकता था।
आप यह भी देख सकते हैं कि इस तरफ चींटियां लाइन में लगी हुई हैं, जिसका मतलब है कि जानवर इस तरफ चीनी की थैली से लदा हुआ था और बैग में एक छेद था, जिससे चीनी गिरती रही।
और आप दूसरी तरफ गिरे हुए गेहूं के दाने भी देख सकते हैं। इस तरफ के बैग में भी छेद था”|
व्यापारी ने गुस्से से बोला, “मैं सब कुछ देख सकता हूँ जो आपने मुझे दिखाया लेकिन मुझे अभी भी अपना ऊंट नहीं दिख रहा है।”
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रामा ने मुस्कुराते हुए उस व्यापारी से कहा, “अगर आप इस राह का अनुसरण करते हैं तो आप जल्द ही अपने ऊंट को पकड़ लेंगे। आखिरकार उसके एक पैर में भी चोट लगी है”।
व्यापारी ने रामा की सलाह मानते हुए उस रास्ते का अनुसरण किया और उसने जल्द ही अपने लंगड़ाते हुए ऊंट को पकड़ लिया।
शिक्षा:
हमे किसी भी परिस्तिथतियों में अपनी सूझ-बूझ और समझदारी से सोचना चाहिए|
tenali rama moral story in hindi
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