मेरा प्रिय अध्यापक- short essay in Hindi 

Short essay in Hindi

हमारे विद्यालय में कई अध्यापक हैं। प्रत्येक अध्यापक अलग-अलग कक्षाओं और विषयों को पढ़ाते है।

मैं पाँचवीं कक्षा में पढ़ता हूँ। वैसे तो सारे अध्यापक मेरे प्रिय है।लेकिन मुझे अरविंद कुमार जी ज़्यादा प्रिय है।

वो हमें गणित पढ़ाते है।वह बड़े हाई सज्जन व्यक्ति है।सारे विद्यालय में वे मेरे सबसे प्रिय है।

उनका स्वभाव बड़ा कोमल है।वे सभी छात्रों से बड़े प्यार से बोलते हैं।वे सभी छात्रों को अपने पुत्रों के समान समझते हैं।

उनका सभी छात्र बड़ा सम्मान करते हैं।अन्य अध्यापक भी उनकी बहुत प्रशंसा करते है।

उनकी आयु लगभग 30 वर्ष है। वे साधारण कपड़े पहनते है। वे समय के भी बहुत पाबंद है।

उनके पढ़ाने की शैली भी बहुत बढ़िया है।वे प्रत्येक छात्र को बड़े प्यार से तब तक समझाते रहते है तब तक सभी छात्रों की समझ में न आ जाए।

उनके पढ़ाने का ढंग इतना अच्छा है कि बच्चे बड़ी सरलता से समझ जाते हैं।वे किसी भी बच्चे को कभी भी नहीं पीटते।

साथ ही वह किसी भी छात्र पर ग़ुस्सा भी नहीं करते। उनका व्यवहार सबसे बढ़िया है।

वह सभी बच्चों के साथ घुल-मिल कर रहते हैं। यदि कभी कोई बच्चा गलती भी करता है।

तो वह उसको बड़े प्यार से समझाते हैं और माफ़ भी कर देते है।

 

 

 


0 Comments

Leave a Reply

Avatar placeholder

Your email address will not be published.