हमारे मुख्याध्यापक- short essay in Hindi

हर जगह पर एक मुखिया होता है। उसकी आज्ञा पर सभी लोग चलते हैं। परिवार का मुखिया परिवार को चलाता है।

इसी प्रकार विद्यालय का भी मुखिया होता है। विद्यालय के मुखिया को मुख्याध्यापक कहते हैं।

मुख्याध्यापक ही सारे विद्यालय का संचालन करता है। हमारे विद्यालय के मुख्याध्यापक बड़े महान आदमी हैं।

हमारे मुख्याध्यापक का नाम श्रीमान विक्रमसिंह है। उनकी आयु लगभग 45 वर्ष है। वे बहुधा बंद गले का कोट पहन कर आते हैं।

उन्हें काला कोट अधिक पसंद है। वे कहीं नज़दीक की कालोनी में रहते हैं। वे काफ़ी पढ़े-लिखे व्यक्ति हैं।

यद्यपि हमारे मुख्याध्यापक का स्वभाव बहुत कोमल है परंतु बाहर से वे कठोर स्वभाव के लगते हैं।

जब वे दिखाई देते हैं तो कोई भी छात्र कक्षा से बाहर नहीं आता है और न ही कोई छात्र हल्ला करता है।

वे लड़कों को डाँटते हैं परन्तु किसी भी छात्र को पीटते नहीं हैं। सभी अध्यापक व छात्र उनका बहुत सम्मान करते हैं।

हमारे मुख्याध्यापक प्रतिदिन ठीक समय पर विद्यालय में पहुँच जाते हैं। विद्यालय में जब घंटी बजती है तो वे पहले ही प्रार्थना स्थल पर खड़े हो जाते हैं।

तभी सभी छात्र व अध्यापक वहाँ पहुँच जाते हैं। प्रार्थना स्थल पर वे छात्रों को उपदेश देते हैं।

उन्हीं के उपदेश व आज्ञा से हमारे विद्यालय के छात्र अनुशासन से रहते हैं। सभी छात्र मन लगा कर पढ़ाई करते हैं।

हमारे मुख्याध्यापक बड़े सज्जन व्यक्ति हैं। हम भगवान से प्रार्थना करते है कि हमारे मुख्याध्यापक जी की उम्र लम्बी करे।

 


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