दिल्ली की सैर – short essay in Hindi

दिल्ली भारत की राजधानी है। और तो और यहाँ पर अनेक दर्शनीय स्थल हैं। राजधानी के दर्शनीय स्थलों को मेरी बहुत पहले से ही इच्छा थी, लेकिन कभी समय नहीं मिला।

इस वर्ष, दशहरा अवकाश पर हमने दिल्ली की सैर करने की योजना बनाई थी। जैसे जैसे कार्यक्रम तय हुआ था, उसी के अनुसार ही हम दशहरे के प्रथम अवकाश के दिन, बस द्वारा दिल्ली के दर्शनीय स्थल देखने के लिए चल पड़े।

short essay in Hindi

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दिल्ली प्राचीन काल से ही भारत की राजधानी रही है। आज भी प्राचीन भवनों के बहुत से अवशेष यहाँ पर विद्यमान है।

हम अपनी योजना के अनुसार सबसे पहले महरोली क्षेत्र में गये। महरोली व उसके आस पास कई दर्शनीय स्थल है। वहाँ पर हमने क़ुतुब मीनार देखा। जो कि बहुत पुरानी मीनार है।
उसकी पाँच मंज़िलें हैं। लेकिन अब किसी भी मंज़िल पर जाने की अनुमति नहीं है।

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महरोली के आस-पास के ऐतिहासिक स्थलों को देख कर हम पुराने क़िले पर आये। यहाँ पर भी इतिहास के पुराने अवशेष विद्यमान हैं। पुराने क़िले को पांडवों का क़िला भी कहते है।

अंत में हम लाल क़िला पहुँचे। जो कि एक पुराना ऐतिहासिक क़िला है।

वर्तमान समय में दिल्ली में संसद भवन व उसके आस-पास के स्थल भी देखने योग्य हैं। दूसरे दिन हमने इन्हीं को देखने का कार्यक्रम बनाया। संसद भवन देखने योग्य है।

हमें अंदर तो नहीं जाने दिया फिर भी हमने संसद भवन को बाहर से देखा और बहुत मज़े किए।उसके बाद नॉर्थ ब्लॉक, साउथ ब्लॉक व राष्ट्रीय भवन देखा, फिर इंडिया गेट होते हुए वापस आ गये।

दिल्ली में कई धार्मिक स्थल भी देखने योग्य हैं। हमने सबसे पहले बिरला मंदिर देखा। यहाँ पर मंदिर व मूर्तियाँ देखने योग्य हैं।

उसके बाद हम छतर पुर मंदिर देखने गए, जो अपनी सुंदरता के लिए बहुत आकर्षक है। अंत में हम जामा मस्जिद, शीश गंज गुरुद्वारा, गौरी शंकर मंदिर व जैन मंदिर देख कर घर लौट आये।

इसके अतिरिक्त दिल्ली में कई अन्य स्थल भी हैं, जहाँ पर हम नहीं जा सके। उनको देखने के लिए बाद में कार्यक्रम ज़रूर बनाया जाएगा।

 


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